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बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री पहुंचे श्रीलंका, 'वसुधैव कुटुंबकम्' और विश्व बंधुत्व की कामना के साथ दिया योग का संदेश

 Edited By: Vinay Trivedi
 Published : Jun 21, 2026 07:32 pm IST,  Updated : Jun 21, 2026 07:32 pm IST

बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री ने श्रीलंका में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया। वहां 'वसुधैव कुटुंबकम्' और विश्व बंधुत्व की कामना के साथ दुनिया भर के लोगों को योग का संदेश दिया।

Dhirendra Krishna Shastri- India TV Hindi
बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री ने श्रीलंका से विश्व बंधुत्व की कामना का संदेश दिया। Image Source : REPORTERS INPUT

श्रीलंका की यात्रा पर गए अंतरराष्ट्रीय कथा व्यास, बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री ने श्रीलंका की धरती से समस्त भारत और विश्व को योग दिवस की अनंत शुभकामनाएं दीं। इस खास मौके पर श्रीलंका में भारतीय उच्चायोग के अधिकारी, श्रीलंका सरकार के अधिकारी और वहां के स्थानीय नागरिक भी बागेश्वर सरकार के साथ मौजूद रहे।

योग जीवात्मा को परमात्मा से जोड़ने की एक परम व्यवस्था

बागेश्वर सरकार ने अपने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के उद्बोधन में योग की परिभाषा को बहुत ही सरल और गहरे शब्दों में समझाया। उन्होंने कहा कि योग जीवन में जोड़ने का विषय है। योग कोई सिर्फ व्यायाम या शारीरिक अवस्था नहीं है, बल्कि यह जीवात्मा को परमात्मा से जोड़ने की एक परम व्यवस्था है।

योग का मतलब है जुड़ाव, लगाव, मानवता और संस्कृति का जुड़ाव

बागेश्वर सरकार ने 'वसुधैव कुटुंबकम्' की भारतीय परंपरा को रेखांकित करते हुए कहा कि विश्व बंधुत्व की कामना योग से ही प्रारंभ होती है। जब व्यक्ति योग और व्यायाम से जुड़ता है, तो उसकी आत्मा, परमात्मा की तरफ ऊपर उठती है और उसकी विचारधारा वैश्विक पटल के स्तर की हो जाती है। उन्होंने ब्रह्मांड के रचयिता से प्रार्थना करते हुए पूरे विश्व के निरोगी रहने की कामना की।

जीवन में सुख चाहिए तो योग को अपनाना ही होगा

धीरेंद्र शास्त्री ने सभी से योग अपनाने की अपील करते हुए कहा कि अगर जीवन में सुख चाहिए तो योग को अपनाना ही होगा। प्रातः काल उठकर सूर्य देव के दर्शन और उनकी किरणों से स्नान करने से तन अच्छा होगा; और याद रखिए, जब तन अच्छा होगा तो मन अच्छा होगा, और मन अच्छा होगा तो आपका जीवन और भी श्रेष्ठ हो जाएगा।

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